गाजा की तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था के बीच वहां के युवा काम की नई परिभाषा लिख रहे हैं। युद्ध और नाकाबंदी ने उनके पुराने सपने तोड़ दिए, लेकिन हौसले नहीं। कोई नर्स अब डिजिटल मार्केटर बन गई है, तो कोई व्यापारी अपने घर को ही ऑफिस बनाकर काम चला रहा है। प्लास्टिक से बिजली बनाने से लेकर ऑनलाइन फ्रीलांसिंग तक—गाजा की युवा पीढ़ी मलबे के बीच से अपना भविष्य फिर से संवार रही है।
बुधवार, मई 27, 2026
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