पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल बजट 2026 को दिशाहीन बताते हुए सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया।
लेखक: Ajay K Saklanii
हिमाचल बजट 2026 में कर्मचारियों को सीमित राहत, डीए पर अनिश्चितता और पेंशन बोझ बरकरार; ₹6,577 करोड़ घाटे ने फैसलों को प्रभावित किया।
हिमाचल का 2026-27 बजट ₹54,928 करोड़ का है; राजस्व घाटा ₹6,577 करोड़, कांगड़ा एरोसिटी, दूध के दाम बढ़ना और ईंधन सेस प्रमुख घोषणाएँ रहीं।
₹54,928 करोड़ के हिमाचल बजट 2026 में विकास और कल्याण पर जोर, लेकिन ₹6,577 करोड़ के घाटे और बढ़ते कर्ज की चुनौती सामने।
गुरुग्राम में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, परिवार ने पति पर आरोप लगाए और पुलिस जांच में जुटी है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि महिला कर्मचारी तीसरे बच्चे के जन्म पर भी 180 दिन के मातृत्व अवकाश की हकदार है।
हिमाचल प्रदेश में 870 पीईटी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को ₹21,500 मासिक मानदेय दिया जाएगा।
एक अध्ययन में पाया गया कि कुछ AI चैटबॉट्स यूजर की बातों से सहमत हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा और नैतिकता को लेकर चिंता बढ़ी है।
चीन ने कहा कि ताइवान के साथ शांतिपूर्ण पुनर्मिलन ऊर्जा संकट को कम कर सकता है, वहीं पश्चिम एशिया में तनाव से तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हिमाचल सरकार ने ₹40,461 करोड़ की अनुपूरक मांगें पेश कीं, जिसमें वेतन, पेंशन, कर्ज और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान शामिल हैं।