SHIMLA, APRIL 21 — हिमाचल प्रदेश सरकार ने 17 मई 2026 को होने वाले नगर निकाय चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को चार नगर निगमों सहित कुल 51 शहरी निकायों के लिए मतदान तिथि की घोषणा कर दी है। इनमें सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर के नगर निगम शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि चुनाव आचार संहिता तुरंत पूरे पहाड़ी राज्य में लागू कर दी गई है।
कुल 51 शहरी निकायों में चार नगर निगम, 25 नगर परिषदें और 22 नगर पंचायतें शामिल हैं। आयोग के अनुसार, आने वाले महीनों में लगभग 36,000 पंचायतों में चुनाव होंगे, जिनके लिए अंतिम मतदाता सूची 27 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 29 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई (दोपहर 3 बजे तक) तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 4 मई को सुबह 10 बजे होगी, जबकि उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 6 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच रहेगी।
नगर निगम चुनाव में लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम एक लाख रुपये खर्च कर सकेंगे, जबकि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव लड़ने वालों के लिए यह सीमा क्रमश: 75,000 रुपये और 50,000 रुपये होगी।
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मतदान 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे, जबकि चार नगर निगमों के परिणाम 31 मई 2026 को आएंगे।
आयोग ने बताया कि शहरी निकाय चुनावों के लिए 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें इस वर्ष 18 वर्ष पूरे करने वाले 1,808 नए मतदाता भी शामिल हैं। मतदान केंद्रों की सूची 29 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से *सरथी ऐप* के माध्यम से अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में देखने की अपील की है।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव संपन्न होने तक सभी जिला अधिकारियों को अपने मुख्यालयों से बिना अनुमति के न जाने का निर्देश दिया है। इस निर्देश में उपायुक्त, उपमंडलाधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी और जिला पंचायत अधिकारियों को शामिल किया गया है।
27 अप्रैल 2026 को ग्रामीण पंचायत चुनावों की मतदाता सूची को सील कर दिया गया था, हालांकि ग्रामीण चुनावों की घोषणा अभी बाकी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह कदम चुनावों से पहले तार्किक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने की आयोग की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। तुरंत लागू की गई चुनाव आचार संहिता के चलते आधिकारिक कार्यक्रम शुरू होने से पहले किसी भी प्रकार के पूर्व चुनावी प्रचार पर रोक लगा दी गई है।
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