शिमला, 23 मार्च: हिमाचल प्रदेश बजट 2026–27 में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विकास की रणनीति को सड़कों, पर्यटन और शहरी विस्तार से जोड़ने की स्पष्ट कोशिश की है।
करीब ₹54,928 करोड़ के इस बजट में सरकार ने दूरदराज क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, जिसे राज्य की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम माना जा रहा है।
पहाड़ी राज्य में सड़कें सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि विकास की बुनियाद होती हैं — बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन तक पहुंच इन्हीं पर निर्भर करती है।
सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की बात कही है। इसमें नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा सड़कों के सुधार और रखरखाव पर भी जोर दिया गया है।
पर्यटन को नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश
हिमाचल में पर्यटन पहले से ही एक मजबूत क्षेत्र है, लेकिन इस बार सरकार इसे नए क्षेत्रों तक विस्तार देना चाहती है।
शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और नए डेस्टिनेशन विकसित करने की योजना है।
सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी के बिना पर्यटन का विस्तार संभव नहीं है, इसलिए दोनों क्षेत्रों को साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
नए टाउनशिप प्रोजेक्ट्स पर नजर
बजट में कांगड़ा, बद्दी और सिरमौर में नए टाउनशिप प्रोजेक्ट्स विकसित करने की योजना भी सामने आई है।
इनसे निवेश आकर्षित करने और शहरी दबाव कम करने की उम्मीद है। खासकर कांगड़ा घाटी में यह परियोजना भविष्य के विकास का नया मॉडल बन सकती है।
विकास की रीढ़ के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर
इस बजट का मुख्य संदेश यह है कि इंफ्रास्ट्रक्चर ही आर्थिक विकास की नींव है।
बेहतर सड़कें किसानों को बाजार से जोड़ती हैं, पर्यटन रोजगार पैदा करता है और टाउनशिप निवेश को आकर्षित करते हैं।
हालांकि, इन योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।
निष्कर्ष
हिमाचल बजट 2026–27 में सड़कों और पर्यटन को विकास के मुख्य आधार के रूप में पेश किया गया है। यह एक स्थिर और दीर्घकालिक रणनीति की ओर संकेत करता है।
अब चुनौती इन योजनाओं को समय पर पूरा करने की होगी, ताकि ये कागजों तक सीमित न रह जाएं।
Discover more from Enoxx News (Hindi)
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
