शिमला, 21 मार्च: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का 2026-27 बजट पेश किया — कुल ₹54,928 करोड़ का व्यय प्रस्ताव जिसमें ग्रामीण आय, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन साथ ही बड़ा राजस्व-अंतर भी है।
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नीचे बजट की 10 सबसे बड़ी घोषणाएँ और उनका प्रभाव संक्षेप में दिया गया है — प्रत्येक पॉइंट में वे संख्यात्मक और नीतिगत पहलें भी शामिल हैं।
1) कुल बजट और राजस्व-अंतर
कुल आवंटन: ₹54,928 करोड़। अनुमानित राजस्व प्राप्तियाँ ₹40,361 करोड़ और राजस्व व्यय ₹46,938 करोड़, यानी ₹6,577 करोड़ का राजस्व घाटा — यही इस बजट की सबसे बड़ी चिंता है।
2) व्यय में कटौती — अनुशासन का संकेत
कुल आउटले में लगभग ₹3,586 करोड़ की कटौती की गई है ताकि खर्चों को नियंत्रित किया जा सके। यह कदम आगे की नीतियों को प्रभावित करेगा।
3) अस्थायी वेतन स्थगन (प्रतीकात्मक लेकिन राजनीतिक)
मुख्यमंत्री ने अपनी 50% सैलरी स्थगित करने की घोषणा की; मंत्रियों के लिए ~30%, और विधायकों/कुछ पदों के लिए 20% छह महीने के लिए रोकने का निर्णय लिया गया — यह संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है।
4) कांगड़ा एरोसिटी (बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर दांव)
कांगड़ा एरोसिटी और संबंधित परियोजनाओं के लिए लगभग ₹3,300 करोड़ का प्रावधान रिपोर्ट किया गया है — यह पर्यटन और व्यवसाय के लिए दीर्घकालिक निवेश होगा।
5) दूध की खरीद और डेयरी निवेश
सरकार ने दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी और NDDB के साथ MoU के जरिए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के कदम उठाए — इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
6) ईंधन पर सेस — अनाथ/विधवा कल्याण के लिए ₹5/लीटर तक
पेट्रोल व डीजल पर अधिकतम ₹5 प्रति लीटर तक का सेस लगाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि अनाथों व विधवाओं के लिए स्थायी फंड बनाया जा सके। यह कदम विधानसभा में चर्चा का केंद्र रहा।
7) कृषि व बागवानी के लिए समर्थन
बजट में किसानों के लिए MSP-शैली सहायता, बीज उत्पादन के लिए लगभग ₹5,000 प्रति बीघा सब्सिडी और फसल-रक्षा योजनाएँ शामिल हैं — सेब अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने का प्रयास।
8) मछलीपालन, वन और नवीकरणीय ऊर्जा
तैरने वाले जलाशयों के लिए मछली क्रय-मूल्य (MSP) योजनाएँ, वनाच्छादन बढ़ाने के लक्ष्य और सौर-हाइड्रो क्षमता के विस्तार के प्रावधान बजट का हिस्सा हैं।
9) कल्याण की रक्षा पर जोर — पर न्यायसंगत राजस्व तंत्र
वित्तीय टकराहट के बावजूद सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के खर्चों को सुरक्षित रखा है — परन्तु इसे चलाने के लिए लक्षित सेस और शुल्कों की योजना भी लाई गई है।
10) सियासी पृष्ठभूमि और हड़कंप
बजट सत्र के दौरान ड्रग मामले में STF कर्मियों की गिरफ्तारी और विधानसभा में गर्मागर्म बहस ने बजट की बहस को और तीखा बनाया — यह राजनीतिक माहौल लागू करने की गति पर असर डाल सकता है।
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