मंडी (हिमाचल प्रदेश), मार्च 16: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी में नए न्यायिक परिसर की आधारशिला कार्यक्रम के मंच से कहा कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को रोका जाना हिमाचल के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती है। इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश, भारत (CJI) सूर्य कांत भी उपस्थित थे।
मंच से बोलते हुए सुक्खू ने बताया कि RDG संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत वर्षों से मिल रहा है और 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के बाद इसका बंद होना पहाड़ी राज्यों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव डालेगा। उन्होंने केंद्र से पुनर्विचार और पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
मुख्यमंत्री और राज्य अधिकारियों का कहना है कि पिछले वित्त आयोग चक्र में मिलने वाली सहायता अब बंद होने से राज्य को कई हजार करोड़ रुपये की कमी का सामना करना पड़ सकता है। सुक्खू ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह यह मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगे और कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
मंडी के कार्यक्रम में CJI ने नयायिक सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ऐसे बुनियादी ढांचे से सामान्य जनता को न्याय पहुँचाने में मदद मिलेगी। सुक्खू ने इसी मंच पर राज्य की विकास योजनाओं और किसानों व आम लोगों के हितों से जुड़ी चिंताओं को भी उजागर किया।
राज्य का कहना है कि वेतन, पेंशन और अन्य बाध्यकारी खर्चों के बीच आरडीजी बंद होने से विकास खर्च पर असर पड़ सकता है। सरकार केंद्रीय स्तर पर शीघ्र समाधान और वैकल्पिक वित्तीय सहायता की माँग दोहराएगी।
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