वॉशिंगटन, 14 मार्च — अमेरिका में अधिकारियों ने 11 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर यू-वीजा हासिल करने के लिए फर्जी लूट की घटनाएं रचने का आरोप है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से नकली लूट की घटनाएं आयोजित कीं और खुद को अपराध का शिकार बताकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इन घटनाओं के आधार पर वे यू-वीजा के लिए आवेदन करना चाहते थे।
यू-वीजा कार्यक्रम उन लोगों के लिए बनाया गया है जो गंभीर अपराधों के शिकार होते हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच या मुकदमे में सहयोग करते हैं।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर नकली लूट की घटनाएं आयोजित कीं। इसमें कुछ लोग पीड़ित की भूमिका निभाते थे जबकि अन्य कथित हमलावर बनते थे।
इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाती थी ताकि यू-वीजा आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज हासिल किए जा सकें।
जांच एजेंसियों को कई मामलों में समान पैटर्न दिखने के बाद शक हुआ। इसके बाद गहन जांच में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
गंभीर आरोपों का सामना
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर इमिग्रेशन धोखाधड़ी और साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यू-वीजा कार्यक्रम का उद्देश्य वास्तविक अपराध पीड़ितों की मदद करना है, इसलिए इस प्रणाली का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
यू-वीजा कार्यक्रम क्या है
यू-वीजा अमेरिकी सरकार का एक विशेष कार्यक्रम है, जिसके तहत अपराध के शिकार लोगों को अस्थायी कानूनी दर्जा और काम करने की अनुमति दी जाती है।
इसका उद्देश्य पीड़ितों को बिना डर के पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में धोखाधड़ी सामने आने से कानून प्रवर्तन एजेंसियां अधिक सतर्क हो जाती हैं और भविष्य में आवेदन प्रक्रिया की जांच और सख्त हो सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस कथित योजना में अन्य लोग भी शामिल थे।
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