शिमला, 10 मार्च — हिमाचल प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि गैस की कमी से राज्य के होटल और रेस्तरां संचालन पर असर पड़ सकता है।
फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (FOHHRA) के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बाजार में व्यावसायिक एलपीजी की घटती उपलब्धता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई होटल और भोजनालयों को पहले ही सिलेंडर आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आपूर्ति में बाधा की आशंका
हिमाचल प्रदेश का आतिथ्य क्षेत्र भोजन तैयार करने और अन्य दैनिक गतिविधियों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों पर काफी हद तक निर्भर करता है। होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग सेवाएं मुख्य रूप से इसी ईंधन से संचालित होती हैं।
शिमला के एक गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि कुछ कंपनियों ने व्यावसायिक सिलेंडरों की बॉटलिंग कम कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ सकता है।
संघ का कहना है कि छोटे और मध्यम स्तर के होटल इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि उनके पास ऊर्जा के वैकल्पिक साधन सीमित हैं।
पश्चिम एशिया संकट का असर
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत एलपीजी के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है और आपूर्ति मार्गों में बाधा आने से बाजार पर दबाव बढ़ा है।
केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में कुछ बदलाव किए हैं। उद्योग संगठनों का कहना है कि इससे व्यावसायिक एलपीजी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।
देश के अन्य हिस्सों में भी होटल और रेस्तरां संगठनों ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश और हस्तक्षेप की मांग की है।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर असर
हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर है और राज्य में हजारों होटल व रेस्तरां पर्यटकों को सेवाएं देते हैं। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि गैस आपूर्ति में लंबी बाधा से संचालन लागत बढ़ सकती है और सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार को आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर करने और होटल उद्योग को पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए ताकि पर्यटन गतिविधियों और सेवाओं में बाधा न आए।
उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इससे राज्य के आतिथ्य क्षेत्र और उससे जुड़े रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
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