नई दिल्ली, 11 मार्च — सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के एक मरीज के मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति देते हुए जीवन रक्षक प्रणाली हटाने की मंजूरी दी है। अदालत का यह फैसला “सम्मान के साथ मरने के अधिकार” से जुड़े संवैधानिक सिद्धांतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह मामला हरीश राणा से जुड़ा है, जो लंबे समय से वेजिटेटिव स्टेट में थे और उनका इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में चल रहा था। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनके ठीक होने की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी थी।
मरीज के परिवार ने अदालत से जीवन रक्षक प्रणाली हटाने की अनुमति मांगी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सकीय रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद फैसला सुनाया।
मेडिकल रिपोर्ट पर आधारित फैसला
AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीज की विस्तृत जांच की और पाया कि वह स्थायी वेजिटेटिव अवस्था में हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार उनके होश में लौटने की संभावना बेहद कम है।
इसी आधार पर अदालत ने चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में जीवन रक्षक उपकरण हटाने की अनुमति प्रदान की।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले तय किए गए निष्क्रिय इच्छामृत्यु के दिशानिर्देशों के अनुरूप है।
निष्क्रिय इच्छामृत्यु का कानूनी आधार
भारत में सुप्रीम कोर्ट पहले ही कुछ परिस्थितियों में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे चुका है। इसके तहत ऐसे मरीज जिनके ठीक होने की संभावना नहीं होती, उनके मामले में मेडिकल बोर्ड और अदालत की अनुमति के बाद जीवन रक्षक उपचार हटाया जा सकता है।
यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार की व्यापक व्याख्या से जुड़ा माना जाता है, जिसमें गरिमा के साथ मृत्यु का अधिकार भी शामिल किया गया है।
नैतिक और कानूनी बहस
इच्छामृत्यु का मुद्दा लंबे समय से देश में नैतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है। समर्थकों का कहना है कि असाध्य स्थिति में मरीज और परिवार को गरिमा के साथ मृत्यु का विकल्प मिलना चाहिए।
वहीं विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि ऐसे मामलों में कड़े कानूनी और चिकित्सकीय मानकों का पालन जरूरी है।
आगे की संभावनाएं
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में आने वाले समान मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है।
इस मुद्दे पर चिकित्सा और कानून से जुड़े विशेषज्ञों के बीच आगे भी चर्चा जारी रहने की संभावना है।
Discover more from Enoxx News (Hindi)
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
