अहमदाबाद, 8 मार्च — आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत के फाइनल तक पहुंचने के बावजूद सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। टूर्नामेंट से पहले दुनिया के शीर्ष टी20 बल्लेबाजों में गिने जाने वाले अभिषेक इस प्रतियोगिता में लगातार संघर्ष करते दिखाई दिए हैं।
भारत आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल खेलेगा और इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले उनकी जगह को लेकर बहस तेज हो गई है।
टूर्नामेंट की खराब शुरुआत
अभिषेक शर्मा का विश्व कप अभियान निराशाजनक शुरुआत के साथ शुरू हुआ।
उन्होंने शुरुआती मैचों में अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ लगातार तीन बार शून्य पर आउट होकर एक अनचाहा रिकॉर्ड बना दिया।
किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक ही टी20 विश्व कप में लगातार तीन डक दर्ज करना दुर्लभ माना जाता है।
हालांकि भारत ने इन मैचों में जीत हासिल करते हुए अगले दौर में जगह बनाई, लेकिन अभिषेक का व्यक्तिगत प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा।
बाद के मैचों में भी संघर्ष
टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ अभिषेक ने कुछ छोटी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वे बड़ी पारी में तब्दील नहीं हो सकीं।
उन्होंने बाद के मैचों में 15, 10 और 9 रन जैसे स्कोर बनाए, जो टीम की अपेक्षाओं के अनुसार पर्याप्त नहीं माने गए।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वे सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे उनकी खराब फॉर्म की चर्चा और तेज हो गई।
फाइनल में चयन पर बहस
न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल से पहले क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या अभिषेक को अंतिम एकादश में जगह मिलनी चाहिए।
कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि भारत को शीर्ष क्रम में बदलाव पर विचार करना चाहिए। वहीं कई विशेषज्ञों का कहना है कि टीम को अभिषेक जैसे आक्रामक बल्लेबाज पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
टीम प्रबंधन फिलहाल उनके आक्रामक खेल और पावरप्ले में तेज रन बनाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें समर्थन देता दिखाई दे रहा है।
संजू सैमसन और ईशान किशन ने भारत को फाइनल तक पहुंचायाक्यों अब भी भरोसा
अभिषेक शर्मा को टी20 क्रिकेट में उनके विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए जाना जाता है।
उनकी अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट काफी ऊंची रही है और वे पावरप्ले में बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं।
टीम प्रबंधन का मानना है कि यदि वे लय में आ जाते हैं तो मैच का रुख तेजी से बदल सकते हैं।
फाइनल में संभावित भूमिका
यदि आज के फाइनल में उन्हें मौका मिलता है तो उनकी भूमिका स्पष्ट होगी — पावरप्ले में तेज शुरुआत दिलाना।
भारत की रणनीति अक्सर शुरुआती छह ओवरों में तेजी से रन बनाने की होती है ताकि विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सके।
हालांकि इस टूर्नामेंट में अब तक अभिषेक इस भूमिका को पूरी तरह निभाने में सफल नहीं हो पाए हैं।
आगे क्या होगा
भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन मैच शुरू होने से पहले घोषित की जाएगी।
फाइनल में अभिषेक शर्मा को मौका मिलता है या नहीं, यह फैसला टीम प्रबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि इस विश्व कप में उनका प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है।
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