आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में Google ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ताकतवर मॉडल, Gemini 3 Deep Think लॉन्च कर दिया है। यह मॉडल सिर्फ बातें नहीं करता, बल्कि वैज्ञानिकों और गणितज्ञों की तरह ‘गहराई से सोचता’ है।
‘इंसानियत की आखिरी परीक्षा’ में पास इस लॉन्च की सबसे बड़ी चर्चा एक टेस्ट को लेकर हो रही है जिसका नाम है—“Humanity’s Last Exam” (इंसानियत की आखिरी परीक्षा)। यह टेस्ट इतना कठिन है कि अब तक के सबसे अच्छे AI मॉडल इसमें फेल हो रहे थे। लेकिन Gemini 3 Deep Think ने इसमें 48.4% स्कोर हासिल करके सबको चौंका दिया है। मुकाबला देखिए:
- OpenAI (o3): 26.6%
- DeepSeek (चीन): 9.4%
- Google Gemini 3: 48.4%
इसका मतलब है कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मुश्किल गणित के सवालों को हल करने में अब Google का कोई सानी नहीं है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल ‘इंटरनेशनल मैथ ओलंपियाड’ में गोल्ड मेडल जीतने वाले छात्र के बराबर दिमाग रखता है।
Chrome ब्राउज़र अब खुद करेगा काम सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, Google ने आपके रोजमर्रा के काम को आसान बनाने के लिए भी बड़ा अपडेट दिया है। अब Google Chrome ब्राउज़र में ‘Gemini Agent’ आ गया है। मान लीजिए आपको एक नया फोन खरीदना है। आप बस Chrome से कहिए—“20 हजार से कम में सबसे अच्छा कैमरा वाला फोन ढूंढो और Amazon-Flipkart के दाम कंपेयर करो।” इसके बाद आपको कुछ नहीं करना। AI खुद अलग-अलग वेबसाइट खोलेगा, रिव्यू पढ़ेगा, दाम देखेगा और आपके सामने एक लिस्ट बनाकर रख देगा। यह फीचर फिलहाल अमेरिका में शुरू हुआ है और जल्द ही भारत में भी आएगा।
कोडिंग का ‘बाहुबली’ सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए यह खबर डराने वाली भी हो सकती है और खुश करने वाली भी। कोडिंग की दुनिया की सबसे मुश्किल वेबसाइट Codeforces पर इस मॉडल ने ‘लीजेंडरी ग्रैंडमास्टर’ (Legendary Grandmaster) का दर्जा हासिल कर लिया है। यानी यह दुनिया के टॉप 0.1% प्रोग्रामर्स से भी तेज और सही कोड लिख सकता है।
Google ने साफ कर दिया है कि वह AI की भीड़ में खोने वाला नहीं है। Gemini 3 Deep Think के साथ उसने यह बता दिया है कि जब ‘दिमाग’ की बात आएगी, तो Google ही सबसे आगे रहेगा।
Discover more from Enoxx News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
