कहते हैं न, ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’। OpenAI के नए वीडियो टूल Sora 2 का हाल कुछ ऐसा ही लग रहा है। जब 2024 में इसका पहला वीडियो सामने आया था, तो लगा था कि यह पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बदल देगा। लेकिन अब जब यह आम लोगों के हाथ में आया है, तो लोगों का उत्साह ठंडा पड़ गया है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने में Sora ऐप के डाउनलोड में 45% की गिरावट आई है। यह किसी भी नए ऐप के लिए खतरे की घंटी है।
महंगा सौदा, कम मजा भारतीय यूजर्स के लिए सबसे बड़ी दिक्कत है इसकी कीमत। Sora 2 का ‘प्रो वर्जन’ इस्तेमाल करने के लिए आपको करीब $200 (लगभग 16,000 रुपये) महीना चुकाना पड़ सकता है। एक आम क्रिएटर या यूट्यूबर के लिए यह रकम बहुत ज्यादा है।
दूसरी तरफ, Google Veo और मेटा (Facebook) के नए टूल्स या तो सस्ते हैं या मुफ्त। ऐसे में कोई अपनी जेब क्यों खाली करेगा?
‘ये मत बनाओ, वो मत बनाओ’ Sora 2 की दूसरी सबसे बड़ी दिक्कत है इसकी ‘सख्ती’। कंपनी ने इसमें इतने सारे सेफ्टी लॉक लगा दिए हैं कि आप खुलकर कुछ बना ही नहीं सकते। अगर आप किसी फिल्म के कैरेक्टर या किसी नेता का वीडियो बनाना चाहें, तो AI साफ मना कर देता है।
यूजर्स का कहना है कि यह “एक पिंजरे में बंद शेर” जैसा है। ताकत बहुत है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते।
मेटा का ‘Vibes’ ले गया बाजी जहां OpenAI गंभीर फिल्में बनाने में उलझा रहा, वहीं मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने ‘Vibes’ (वाइब्स) नाम का नया ऐप लॉन्च करके बाजी मार ली। यह ऐप बिल्कुल टिकटॉक जैसा है—मजेदार, तेज और फ्री। आज का युवा लंबी फिल्में नहीं, बल्कि 15 सेकंड की रील्स बनाना चाहता है, और मेटा ने इसी नब्ज को पकड़ा है।
कुल मिलाकर, अगर OpenAI ने जल्द ही अपनी कीमत और नियमों में बदलाव नहीं किया, तो Sora 2 इतिहास के पन्नों में सिर्फ एक ‘महंगी गलती’ बनकर रह जाएगा।
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