देश की राजधानी में अपराध का ग्राफ किस कदर बढ़ गया है, इसकी एक खौफनाक तस्वीर सोमवार को मंगोलपुरी की सड़कों पर देखने को मिली। जब एक घर से उसका लाडला स्कूल के लिए निकला, तो परिवार ने सोचा भी नहीं था कि वह कभी वापस नहीं लौटेगा। 10वीं क्लास में पढ़ने वाले चिरांशु की महज इसलिए जान ले ली गई क्योंकि कुछ दिन पहले उसका अपने ही स्कूल के कुछ लड़कों से मामूली झगड़ा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह मंजर किसी डरावनी फिल्म जैसा था। चिरांशु स्कूल के पास पानी की टंकी के पास पहुंचा ही था कि उसे चार-पांच लड़कों ने घेर लिया। बहस शुरू हुई और देखते ही देखते हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमले में बर्फ तोड़ने वाले सुए (Ice pick) का इस्तेमाल किया गया। हमला इतना जोरदार था कि वह हथियार छात्र के सिर की हड्डी में जाकर फंस गया। खून से लथपथ चिरांशु अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा, लेकिन कुछ ही दूरी पर वह गिर पड़ा।
आसपास के लोगों ने तुरंत उसे संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिरांशु के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा काफी मेहनती था और इन दिनों अपनी प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था। वह किसी से झगड़ा नहीं करता था, लेकिन आपसी रंजिश की आग ने उसकी जान ले ली।
दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन टीमें गठित कीं और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की तलाशी ली। चंद घंटों के भीतर ही पुलिस ने चार नाबालिगों को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी और चिरांशु के बीच कुछ दिन पहले मामूली बात पर कहासुनी हुई थी, जिसका बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और किशोरों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के पास दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस फिलहाल पकड़े गए नाबालिगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
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