Wednesday, February 25

दुनिया

यूरोप पहुंचने की चाह में भूमध्य सागर पार करने वाले प्रवासियों के साथ एक और दर्दनाक हादसा हुआ है। सप्ताहांत में लीबिया और ग्रीस के तटों पर कम से कम आठ शरणार्थियों के शव बरामद किए गए हैं, जो इस खतरनाक समुद्री मार्ग के जोखिमों को एक बार फिर उजागर करते हैं।

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के पुराने टैरिफ नियमों को खारिज करने के एक दिन बाद ही उन्होंने बड़ा पलटवार किया है। ट्रंप ने अब 1974 के व्यापार अधिनियम का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका में आयात होने वाले सभी विदेशी सामानों पर 15 प्रतिशत का नया ‘ग्लोबल टैरिफ’ लगा दिया है।

फ्रांस में एक 23 वर्षीय दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की हत्या के बाद सियासी और सामाजिक तनाव चरम पर है। शनिवार को होने वाले विरोध प्रदर्शनों से पहले राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शांति की अपील की है। पुलिस को डर है कि इस दौरान दक्षिणपंथी और वामपंथी चरमपंथी गुटों के बीच हिंसक झड़पें हो सकती हैं।

साखनीन के एक दुकानदार के साहस ने इजरायल के भीतर एक नई क्रांति छेड़ दी है। संगठित अपराध और हत्याओं के खिलाफ अब हिंदू-मुस्लिम नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए लोग साथ खड़े हैं।

इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्रियों द्वारा वेस्ट बैंक पर पूर्ण नियंत्रण की कोशिशों के बीच अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिरता और शांति की अपील की है।

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को वॉशिंगटन में एक अहम मुलाकात होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान के साथ होने वाली संभावित बातचीत और इजरायल की सुरक्षा है।

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है—डॉ. शफीकुर रहमान। कभी कट्टरपंथी माने जाने वाले इस नेता ने अब ‘बदलाव’ का चोला ओढ़ लिया है।

अमेरिका और कांगो के बीच खनिज (minerals) को लेकर हुए समझौतों को ‘ऐतिहासिक’ बताया जा रहा है, लेकिन जमीन हकीकत कुछ और है। कांगो के स्थानीय लोग और एक्टिविस्ट्स को डर है कि चीन को टक्कर देने की अमेरिकी होड़ में, एक बार फिर उनके संसाधनों की लूट होगी और आम जनता को सिर्फ धूल और गरीबी मिलेगी।

गाजा की तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था के बीच वहां के युवा काम की नई परिभाषा लिख रहे हैं। युद्ध और नाकाबंदी ने उनके पुराने सपने तोड़ दिए, लेकिन हौसले नहीं। कोई नर्स अब डिजिटल मार्केटर बन गई है, तो कोई व्यापारी अपने घर को ही ऑफिस बनाकर काम चला रहा है। प्लास्टिक से बिजली बनाने से लेकर ऑनलाइन फ्रीलांसिंग तक—गाजा की युवा पीढ़ी मलबे के बीच से अपना भविष्य फिर से संवार रही है।