नाहन, 14 मार्च — हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एचआरटीसी की चलती बस में बच्ची को जन्म दे दिया। बाद में मां और नवजात को 108 एंबुलेंस के जरिए डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार महिला, जिसका नाम सरोज बताया जा रहा है, अपने पति और सास के साथ प्रसव के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज जा रही थी। वे लोग कुंहट-हरिपुरधार-रेणुकाजी-नाहन रूट पर चलने वाली एचआरटीसी बस में मलगांव के पास सवार हुए थे।
बस शुक्रवार शाम करीब सात बजे ददाहू से नाहन के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान परिवार बस की पिछली सीट पर बैठा हुआ था।
रास्ते में अचानक बढ़ी प्रसव पीड़ा
बस जब जमटा से आगे दोसड़का के पास पहुंची तो महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए बस में बैठे पुरुष यात्री आगे की सीटों पर चले गए और कुछ महिलाएं पीछे आकर मदद करने लगीं।
इसी दौरान महिला ने बस की पिछली सीट पर ही एक बच्ची को जन्म दे दिया। यात्रियों के अनुसार पूरा घटनाक्रम कुछ ही मिनटों में घट गया।
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यात्रियों ने दिखाई सूझबूझ
बस में मौजूद एक महिला यात्री ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। इसके बाद चालक बस को तेजी से नाहन की ओर ले गया ताकि मां और नवजात को जल्द चिकित्सा सहायता मिल सके।
बनोग के पास एंबुलेंस पहुंची और मां-बच्ची को उसमें शिफ्ट कर मेडिकल कॉलेज नाहन ले जाया गया।
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग के प्रमुख डॉ. अमोद सिंह ने बताया कि महिला ने शाम करीब सवा आठ बजे स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति सामान्य है।
तय समय से पहले शुरू हुआ प्रसव
सूत्रों के अनुसार महिला को एहतियात के तौर पर पहले ही अस्पताल ले जाया जा रहा था, क्योंकि डिलीवरी की संभावित तारीख अभी दूर थी। लेकिन यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और बस में ही प्रसव हो गया।
यह महिला का दूसरा बच्चा बताया जा रहा है। यात्रियों का कहना था कि प्रसव की स्थिति तेजी से बिगड़ने के कारण अस्पताल पहुंचने का समय नहीं मिल पाया।
पहाड़ी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का महत्व
हिमाचल के कई दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लोग अब भी एचआरटीसी बसों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यह घटना पहाड़ी इलाकों में परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की चुनौतियों को भी उजागर करती है।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज नाहन में मां और बच्ची की निगरानी की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार नियमित जांच के बाद उन्हें जल्द छुट्टी दी जा सकती है।
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