शिमला – हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा अधिकारियों को लेकर दी गई टिप्पणी पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह मामला सरकार के भीतर ‘मंत्री बनाम मंत्री’ और ‘सरकार बनाम अफसरशाही’ का रूप ले चुका है।
रोहित ठाकुर का मिला साथ जगत सिंह नेगी और अनिरुद्ध सिंह जैसे मंत्रियों के विरोध के बीच, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर विक्रमादित्य सिंह के बचाव में उतरे हैं। उन्होंने विक्रमादित्य को एक “काबिल और एफिशिएंट मंत्री” बताते हुए कहा कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए। रोहित ठाकुर ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि वे हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करें ताकि प्रशासन और सरकार के बीच टकराव न बढ़े।
सीएम की दो टूक: ‘पहले देश, फिर राज्य’ दूसरी ओर, दिल्ली दौरे पर गए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस विवाद पर सधी हुई मगर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार और अफसरों में कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन साथ ही विक्रमादित्य सिंह को नसीहत दे डाली। सीएम ने कहा, “विक्रमादित्य सिंह को अपने विभाग तक ही सीमित रहना चाहिए। अधिकारियों को लेकर दिया गया उनका बयान गलत है। हमारे लिए पहले देश है, फिर राज्य।”
कैबिनेट बैठक पर टिकी नजरें इस विवाद में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पहले ही असहमति जता चुके हैं। आईएएस और आईपीएस एसोसिएशन ने भी इस बयान को विभाजनकारी बताया है। राजस्व मंत्री नेगी ने जानकारी दी है कि 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
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