वॉशिंगटन, 13 मार्च — पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना के एक KC-135 रिफ्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से चार सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की और कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
सेना के अनुसार विमान में कुल छह क्रू सदस्य सवार थे। दुर्घटना के बाद चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि शुरुआती चरण में बचाव और खोज अभियान चलाया गया।
CENTCOM ने बताया कि यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ जब दो सैन्य विमान एक ही मिशन में शामिल थे। दोनों विमान पश्चिमी इराक के ऊपर “फ्रेंडली एयरस्पेस” में उड़ान भर रहे थे। इनमें से एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित उतरने में सफल रहा।
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना न तो दुश्मन के हमले के कारण हुई और न ही फ्रेंडली फायर के कारण। घटना की वास्तविक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
मृत सैन्यकर्मियों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अमेरिकी सेना आम तौर पर तब तक नाम जारी नहीं करती जब तक संबंधित परिवारों को आधिकारिक सूचना न दे दी जाए।
किस विमान का हुआ हादसा
दुर्घटनाग्रस्त विमान KC-135 स्ट्रैटो टैंकर था, जिसे अमेरिकी वायुसेना मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य विमानों को हवा में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल करती है। इस तरह के विमान लंबी दूरी के अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों टैंकर विमान मिशन के दौरान एक-दूसरे के काफी करीब उड़ान भर रहे थे। इसी दौरान एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा विमान क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सुरक्षित बेस पर लौट आया।
मिलिशिया समूह का दावा
घटना के बाद इराक में सक्रिय ईरान समर्थित संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया कि उसने विमान को मार गिराया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और शुरुआती जांच में किसी हमले के संकेत नहीं मिले हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऐसे दावे अक्सर सामने आते हैं, लेकिन उनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकती है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच हादसा
यह दुर्घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य-पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने फरवरी के अंत में ईरान से जुड़े ठिकानों पर अभियान शुरू किया था, जिसके बाद क्षेत्र में कई सैन्य घटनाएं सामने आई हैं।
KC-135 विमान अमेरिकी वायुसेना के सबसे पुराने लेकिन महत्वपूर्ण टैंकर विमानों में शामिल है और लंबे समय तक हवा में ईंधन आपूर्ति के जरिए सैन्य अभियानों को संभव बनाता है।
आगे क्या होगा
CENTCOM ने कहा है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी और परिचालन जांच की जाएगी। विमान के उड़ान डेटा, मिशन की परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण किया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।
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