वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की साल 2026 की पहली विदेश यात्रा की शुरुआत हंगामेदार रही। स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) जा रहे उनके विशेष विमान ‘एयर फोर्स वन’ (Air Force One) को तकनीकी खराबी के कारण हवा में ही वापस लौटना पड़ा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि विमान में “मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या” आ गई थी। सुरक्षा को देखते हुए विमान को वापस मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतारा गया। इसके बाद ट्रंप और उनका प्रतिनिधिमंडल दूसरे विमान से दावोस के लिए रवाना हुआ।
दावोस में ‘दंगल’ की तैयारी ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेने जा रहे हैं, लेकिन उनका एजेंडा बेहद आक्रामक है। ट्रंप ग्रीनलैंड (Greenland) को अमेरिका का हिस्सा बनाने की जिद पर अड़े हैं। उन्होंने साफ कहा है कि यह अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इसके लिए सेना का इस्तेमाल करेंगे, तो उन्होंने कहा, “आपको जल्द पता चल जाएगा।”
ट्रंप ने नाटो (NATO) देशों को भी चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ग्रीनलैंड मामले में दखल दिया, तो उन पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा। दावोस में ट्रंप एक नए “बोर्ड ऑफ पीस” (Board of Peace) पर भी हस्ताक्षर करने वाले हैं, जिसे लेकर आलोचकों का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र (UN) को कमजोर करने की एक साजिश है।
ट्रंप वहां दुनिया के बड़े सीईओ और नेताओं से मिलेंगे और अपनी “अमेरिका फर्स्ट” नीति का बखान करेंगे। उन्होंने अपनी आर्थिक नीतियों को “चमत्कार” बताया है और कहा है कि यूरोपीय देशों को उनसे सीखने की जरूरत है।
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