लेह/नई दिल्ली, 15 मार्च — लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk को करीब छह महीने की हिरासत के बाद रिहा कर दिया गया है। उन्हें लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था।
वांगचुक लंबे समय से हिमालयी पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उनकी रिहाई की खबर सामने आने के बाद लद्दाख के कई सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने इसका स्वागत किया।
छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग
लद्दाख के कई सामाजिक और राजनीतिक समूह लंबे समय से क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची के तहत लाने की मांग कर रहे हैं। इस प्रावधान के तहत आदिवासी क्षेत्रों को विशेष प्रशासनिक अधिकार दिए जाते हैं, जिससे स्थानीय समुदायों को भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिक नियंत्रण मिलता है।
यह मांग 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद और तेज हुई, जब लद्दाख को अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। कुछ संगठनों का कहना है कि इस व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर निर्वाचित शासन की कमी है।
इन्हीं मांगों को लेकर हुए आंदोलनों में वांगचुक सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए थे। प्रशासन ने उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर सक्रिय
सोनम वांगचुक हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। वे ग्लेशियर पिघलने, जल संकट और पर्यावरणीय संतुलन जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की, जो शिक्षा सुधार और टिकाऊ तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देती है। उनके कई नवाचारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है।
लद्दाख के प्रशासनिक ढांचे पर चर्चा
लद्दाख के संवैधानिक दर्जे और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा अभी भी जारी है। क्षेत्रीय संगठन मानते हैं कि विशेष संवैधानिक संरक्षण मिलने से पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा लद्दाख की राजनीति और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है।
वांगचुक की रिहाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लद्दाख से जुड़े पर्यावरण और प्रशासनिक मुद्दों पर संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Discover more from Enoxx News (Hindi)
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
