ज़िला सोलन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कत्याल ने की। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
डॉ. कत्याल ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक तभी पहुंचेगा जब उनकी कार्यप्रणाली पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू हो। उन्होंने खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और राशन वितरण मशीनों को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को उन्होंने स्कूलों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही, भोजन परोसने से पहले निरीक्षण करने, औचक जांच के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और सभी स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों का वर्ष में चार बार स्वास्थ्य परीक्षण करवाना अनिवार्य किया जाए।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि सोलन ज़िले के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 22,630 बच्चों, 3,105 गर्भवती महिलाओं और 2,896 धात्री माताओं को पौष्टिक आहार प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, 347 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 54,305 पात्र लाभार्थियों तक सस्ती दरों पर राशन पहुंचाया जा रहा है।
डॉ. एस.पी. कत्याल ने जिला शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। बैठक का संचालन अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने किया। बैठक में जिला नियंत्रक श्रवण कुमार हिमालयन, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) डॉ. पदम देव शर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरीश नेस्टा, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजकुमार पराशर और उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता राजेंद्र वर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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