लंदन | ब्रिटेन के राजघराने (House of Windsor) को पिछले सौ सालों में शायद ही कभी इतने बड़े संकट का सामना करना पड़ा हो। किंग चार्ल्स के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस, एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को उनके 66वें जन्मदिन के मौके पर टेम्स वैली पुलिस ने यह अभूतपूर्व कार्रवाई की। हालांकि 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें जांच में सहयोग की शर्त पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन उनके शाही महलों में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।
शाही महलों में पुलिस का डेरा एंड्रयू की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारियों की एक बड़ी टीम ने उनके मौजूदा आवास ‘वुड फार्म’ (सैंड्रिंघम एस्टेट) पर छापा मारा। पुलिस ने यहां कई घंटों तक अहम सबूत खंगाले। शुक्रवार को पुलिस ने एक बयान में बताया कि सैंड्रिंघम में तलाशी पूरी हो गई है, लेकिन एंड्रयू के पुराने और आलीशान 30 कमरों वाले ‘रॉयल लॉज’ (विंडसर एस्टेट) में अभी भी पुलिस का सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
क्या है पूरा मामला? यह पूरा विवाद अमेरिका के कुख्यात सेक्स ऑफेंडर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा है। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन मामले से जुड़े लाखों पन्नों के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2010 के आसपास जब एंड्रयू ब्रिटेन के ‘स्पेशल ट्रेड एनवॉय’ (व्यापार दूत) थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकार की कई अति-गोपनीय फाइलें और रिपोर्ट्स जेफ्री एपस्टीन को भेजी थीं। इन दस्तावेजों में अफगानिस्तान, वियतनाम और सिंगापुर जैसे देशों में निवेश से जुड़ी खुफिया जानकारियां शामिल थीं। इसी ‘मिसकंडक्ट इन पब्लिक ऑफिस’ (सार्वजनिक पद के दुरुपयोग) के गंभीर आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटेन के कानून में इस अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
किंग चार्ल्स का कड़ा रुख इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी पर किंग चार्ल्स की प्रतिक्रिया भी तुरंत आ गई। उन्होंने अपने भाई का बचाव करने के बजाय साफ शब्दों में कहा, “कानून अपना काम करेगा।” किंग चार्ल्स ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें इस घटना से गहरा दुख पहुंचा है, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों को शाही परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। गौरतलब है कि किंग चार्ल्स ने ही पिछले साल एंड्रयू से उनके सभी शाही खिताब और सैन्य पद छीन लिए थे ताकि राजघराने की छवि खराब न हो।
एंड्रयू की सफाई दूसरी तरफ, एंड्रयू ने हमेशा से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों में किसी भी तरह के अपराध से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना है कि एपस्टीन से दोस्ती करना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी।
ब्रिटेन के आधुनिक इतिहास में यह पहली बार है जब शाही परिवार के किसी इतने कद्दावर सदस्य को इस तरह पुलिस हिरासत में लिया गया हो। पूरे देश की निगाहें अब टेम्स वैली पुलिस की जांच और शाही महलों से निकलने वाले सबूतों पर टिकी हैं।
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