सैन फ्रांसिस्को, 16 मार्च: टेक कंपनी Meta कथित तौर पर एक नया AI डिटेक्शन टूल विकसित कर रही है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई डिजिटल सामग्री की पहचान कर सकेगा। यह जानकारी एक हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।
बताया जा रहा है कि यह टूल AI से तैयार की गई तस्वीरों और अन्य डिजिटल मीडिया की पहचान करने में मदद करेगा।
AI-generated कंटेंट की पहचान
रिपोर्ट के अनुसार यह सिस्टम इमेज और अन्य मीडिया फाइलों का विश्लेषण करके यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई हैं या नहीं।
पिछले कुछ वर्षों में जनरेटिव AI तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण वास्तविक और AI-generated कंटेंट के बीच अंतर करना मुश्किल होता जा रहा है।
Meta पहले ही अपने प्लेटफॉर्म—Facebook, Instagram और Threads—पर AI-generated कंटेंट को लेबल करने की नीति लागू कर चुका है।
डीपफेक और गलत जानकारी की चिंता
AI तकनीक के जरिए बनाए गए डीपफेक और भ्रामक सामग्री को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है।
सरकारें और टेक कंपनियां ऐसी तकनीकों पर काम कर रही हैं जो AI से बने कंटेंट को पहचानने और उस पर स्पष्ट जानकारी देने में मदद कर सकें।
Meta की AI रणनीति
Meta आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। कंपनी ने अपने Llama AI मॉडल सहित कई AI तकनीकों पर काम किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI-generated कंटेंट की पहचान करने वाले टूल इंटरनेट पर जानकारी की विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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