किन्नौर (हिमाचल प्रदेश): जनजातीय जिला किन्नौर में इस सीजन की जोरदार बर्फबारी ने सूखी ठंड का दौर खत्म कर दिया है। पूरा जिला बर्फ की सफेद चादर में लिपट गया है, जिससे जहां आम जनजीवन थोड़ा प्रभावित हुआ है, वहीं जिले की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले सेब बागवानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।
सेब के लिए ‘संजीवनी’ बनी बर्फ बागवानों का कहना है कि यह बर्फबारी सेब की फसल के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। अच्छी फसल के लिए सेब के पौधों को निश्चित ‘चिलिंग आवर्स’ (Chilling Hours) पूरे करने होते हैं, जो इस बर्फबारी से पूरे हो जाएंगे। मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जिससे आने वाले सीजन में सेब की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है।
सावधानी की अपील बर्फबारी के कारण किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों, विशेषकर छितकुल और सांगला वैली की सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
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