शिमला, 10 मार्च — कविंद्र गुप्ता ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। शिमला स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया ने उन्हें शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हिंदी में शपथ ली।

इससे पहले प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को विदाई दी गई। उन्होंने फरवरी 2023 से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था और अब उन्हें एक अन्य राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शपथ समारोह की प्रमुख बातें
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा राष्ट्रपति के नियुक्ति वारंट पढ़कर सुनाने से हुई। समारोह के दौरान देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद गाए गए, जिसे सरकारी कार्यक्रमों और शिक्षण संस्थानों में गाने की परंपरा को बढ़ावा देने से भी जोड़ा गया।
शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वे प्रदेश के विकास और जनता के हितों के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
प्राथमिकताएँ और विकास की दिशा
नए राज्यपाल ने युवाओं के कल्याण, जनजातीय क्षेत्रों के विकास, कौशल आधारित शिक्षा और नशा मुक्ति अभियान को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा और विकास के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना जरूरी है।
1971 से अब तक हिमाचल प्रदेश के सभी राज्यपालों की सूचीचार दशकों का सार्वजनिक अनुभव
2 दिसंबर 1959 को जम्मू में जन्मे कविंद्र गुप्ता लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी।
नगर निकाय राजनीति से आगे बढ़ते हुए वे जम्मू नगर निगम के पहले निर्वाचित महापौर बने और लगातार तीन कार्यकाल तक इस पद पर रहे। वर्ष 2014 में वे जम्मू-कश्मीर के गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
इसके बाद 2015 में वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष बने और 2018 में राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। जुलाई 2025 में उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था और मार्च 2026 में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
नए कार्यकाल की शुरुआत
राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के साथ ही कविंद्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। आने वाले समय में राज्य सरकार और राजभवन के बीच समन्वय के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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