Sunday, February 22

दिल्ली

दिल्ली के मजलिस पार्क इलाके में रविवार को राहत और बचाव कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। एक घर में लगी आग को बुझाने के दौरान अचानक एक गैस सिलेंडर फट गया, जिसकी चपेट में आकर दमकल कर्मियों और पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 13 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर आतंकी साये में है। खुफिया एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक बड़े आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनपुट्स के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित यह आतंकी संगठन इस्लामाबाद में हुए एक मस्जिद ब्लास्ट का बदला लेने के लिए चांदनी चौक के एक मंदिर को निशाना बना सकता है।

राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली और रिश्तों को तार-तार कर देने वाली खबर सामने आई है। मुखर्जी नगर के एक पार्क में खेलने गए 21 महीने के एक मासूम बच्चे को उसकी सगी मौसी ने ही मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला लंबे समय से डिप्रेशन (अवसाद) का शिकार है।

भारत और यूरोपीय संघ ने इतिहास रच दिया है। पीएम मोदी के साथ साझा मंच से EU चीफ ने कहा—”हमने कर दिखाया।” इस समझौते से भारत में रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत सरकार एक नई पॉलिसी लाने जा रही है। इसके तहत स्मार्टफोन कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर का ‘सोर्स कोड’ सरकार के साथ साझा करना पड़ सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फोन में कोई छिपा हुआ स्पाइवेयर या डेटा चोरी करने वाला ‘चोर रास्ता’ (Backdoor) तो नहीं है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में बाढ़ राहत, सड़क परियोजनाएं, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन को बढ़ावा देने के विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।

दिल्ली में 6 अप्रैल तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में छह दिन तक चलने वाली तेज़ लू के लिए चेतावनी जारी की है। राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भीषण गर्मी के लिए तैयार रहें।

वक्फ संशोधन बिल संसद से पारित हो चुका है और अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। हालांकि, देशभर के कई हिस्सों में इस बिल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्ष और मुस्लिम संगठनों के पास अब कोर्ट, आंदोलन और राजनीतिक दबाव जैसे तीन प्रमुख विकल्प बचे हैं।