नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन (Ursula von der Leyen) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) फाइनल हो गया है।

“मदर ऑफ ऑल डील्स” इस समझौते की खुशी मंच पर साफ दिखाई दी। उर्सुला वॉन डेर लेन ने पीएम मोदी से मुस्कुराते हुए कहा, “वी डिड इट” (We did it – हमने कर दिखाया)। उन्होंने इसे “सभी समझौतों की मां” (Mother of all trade deals) करार दिया। यह समझौता इतना विशाल है कि यह दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ देगा।
भारत को क्या मिलेगा? यह समझौता सिर्फ कागजी नहीं है, इसका सीधा असर आम आदमी और व्यापारियों पर पड़ेगा:
- सस्ता सामान: यूरोप से आने वाली मशीनें, कारें और अन्य सामानों पर टैक्स (Customs Duty) कम होगा।
- निर्यात बढ़ेगा: भारत के कपड़े, चमड़े के उत्पाद और दवाइयां अब बिना किसी रुकावट के यूरोप के बाजारों में बिक सकेंगी।
- नौकरियां: सर्विस सेक्टर में समझौते से भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए यूरोप में काम करना आसान हो जाएगा।

20 साल की तपस्या इस डील की बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन कई मुद्दों पर बात अटकी रही। आज पीएम मोदी की कूटनीति ने उन अड़चनों को दूर कर दिया है। यह समझौता भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक ‘बूस्टर डोज’ साबित होगा।
Discover more from Enoxx News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
