Wednesday, February 25

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक 86 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पर्यटक का शव लोअर कैथू स्थित एक होटल के कमरे में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आईजीएमसी अस्पताल भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI) में स्वदेशी रूप से विकसित टिटनेस और वयस्क डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन को लॉन्च किया। यह कदम भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और चिकित्सा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने और शिक्षकों का अलग कैडर बनाने के फैसले ने सी एंड वी (C&V) शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग की ओर से कोई स्पष्ट नीति न होने के कारण शिक्षक अपने जिला कैडर, तबादलों और भविष्य की पदोन्नति को लेकर असमंजस में हैं।

Fire Fighting System Dharamshala – हिमाचल प्रदेश में फायर सेफ्टी को लेकर अग्निशमन विभाग सख्त हो गया है। अग्निशमन अधिकारी कर्म चंद कश्यप ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 महीनों में सार्वजनिक स्थलों पर फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगाया गया, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) द्वारा छात्रों के बस पास की दरों में की गई वृद्धि से नाराज़ अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को धर्मशाला स्थित HRTC कार्यालय पहुंचा और महाप्रबंधक से मुलाकात कर आपत्ति जताई।

विमल नेगी मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद हिमाचल की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार दबाव में है और बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

धर्मशाला के तिब्बती सेटलमेंट ऑफिसर कुंचोक मिग्मार को 95% मतों के साथ पुनः निर्वाचित किया गया है। यह ऐतिहासिक जीत तिब्बती लोकतंत्र में एक मील का पत्थर मानी जा रही है, जिसमें अंतिम दौर की आवश्यकता भी नहीं रही। समुदाय की एकजुटता, विश्वास और मिग्मार के कुशल नेतृत्व को व्यापक सराहना मिली है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के परिणामों में गड़बड़ी को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने धर्मशाला में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए छात्रों ने शिक्षा बोर्ड सचिव का घेराव करते हुए पारदर्शी जांच की मांग की।

मुख्यमंत्री सुकविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि विमल नेगी केस में सरकार सीबीआई जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए इस जांच को अनिवार्य माना जा रहा है और सरकार पूरी तरह से जांच एजेंसी का सहयोग करेगी।