शिमला, 11 मार्च — हिमाचल प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई है, जिससे पूरे राज्य में तापमान में गिरावट आई है। मौसम में आए इस बदलाव का असर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जैसे जिलों में देखा गया।
सुबह के समय ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ों और दर्रों पर ताजा बर्फ की परत जम गई। वहीं मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
केलांग, काजा और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की सूचना मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बर्फबारी से क्षेत्र में नमी बढ़ती है और हिमालयी ग्लेशियरों के लिए यह लाभकारी होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के अंत और वसंत की शुरुआत में होने वाली ऐसी बर्फबारी जल स्रोतों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
तापमान में गिरावट
राज्य के कई जिलों जैसे शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में तापमान में कमी दर्ज की गई है। मौसम के बदलने से ठंडी हवाएं और बादल छाए रहने का असर देखा गया।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात का तापमान शून्य के आसपास पहुंच गया, जबकि दिन का तापमान सामान्य से कम रहा।
पर्यटन पर असर
हिमाचल में बर्फबारी अक्सर पर्यटकों को आकर्षित करती है। शिमला, मनाली, कुफरी और सोलंग घाटी जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
हालांकि प्रशासन ने यात्रियों को ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि बर्फ जमने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
आगे का मौसम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी रह सकती है।
ताजा बर्फबारी और बारिश से राज्य में जल स्रोतों को लाभ मिलने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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