शिमला, 22 मार्च: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश बजट 2026–27 को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे “दिशाहीन” तथा “निराशाजनक” करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि इस बजट को लेकर न केवल जनता में बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर भी उत्साह की कमी है। ठाकुर ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक अनुभव में उन्होंने कई बजट देखे हैं, लेकिन इस तरह का कमजोर और प्रभावहीन बजट पहले कभी नहीं देखा।
विकास की दिशा पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बजट में विकास की स्पष्ट दिशा दिखाई नहीं देती और सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जो आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में घोषित कई योजनाएं केंद्र सरकार की सहायता पर निर्भर हैं, जिससे राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं।
वित्तीय फैसलों पर चिंता
जयराम ठाकुर ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि वेतन स्थगन जैसे फैसले सरकार की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और आम जनता को इसका सीधा असर झेलना पड़ रहा है, जबकि सरकार ने दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
आम जनता पर बढ़ते बोझ का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नए टैक्स और शुल्कों के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। बिजली और पानी के बिलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है।
कृषि और डेयरी क्षेत्र की घोषणाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जमीनी स्तर पर इनका लाभ सीमित नजर आ रहा है।
राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया
जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की और कुछ योजनाओं को नया नाम देकर प्रस्तुत किया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विधानसभा में बजट पर चर्चा जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक बहस होने की संभावना है।
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