Wednesday, February 25

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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने और शिक्षकों का अलग कैडर बनाने के फैसले ने सी एंड वी (C&V) शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग की ओर से कोई स्पष्ट नीति न होने के कारण शिक्षक अपने जिला कैडर, तबादलों और भविष्य की पदोन्नति को लेकर असमंजस में हैं।

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर आतंकी साये में है। खुफिया एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक बड़े आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनपुट्स के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित यह आतंकी संगठन इस्लामाबाद में हुए एक मस्जिद ब्लास्ट का बदला लेने के लिए चांदनी चौक के एक मंदिर को निशाना बना सकता है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का ‘रोबो-डॉग’ (Robodog) विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रोफेसर नेहा सिंह द्वारा लिंक्डइन पर ‘ओपन टू वर्क’ (Open to Work) स्टेटस लगाने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। अब यूनिवर्सिटी ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।

आपातकाल के दौरान जेल गए नेताओं को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि अब बंद कर दी गई है। नया विधेयक पास होने के बाद राष्ट्रपति ने अधिसूचना को मंजूरी दे दी है, जिससे कई नेताओं की सम्मान पेंशन अब समाप्त हो गई है।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ में कल रात नेशनल हाईवे किनारे हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) की दो बसें संदिग्ध हालात में जलकर राख हो गईं। पांच दिन में दूसरी ऐसी घटना सामने आई है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

मंडी जिला में नाबालिग बच्ची के अपहरण के प्रयास के बाद साम्प्रदायिक तनाव फैल गया है। आरोपित व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने पीटा, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने पीओसीएसओ के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी के साथ-साथ बच्ची के परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।

शिमला जिले के चिरगांव (रोहड़ू) में 12 साल के लड़के ने जातिगत प्रताड़ना और मारपीट के बाद ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। मामला एक सप्ताह बाद पुलिस में दर्ज हुआ है और तीन महिलाओं के खिलाफ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एसपी संजीव कुमार गांधी को उनकी ट्रांसफर को लेकर दाखिल की गई लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) में आंशिक राहत दी है। अदालत ने उनके स्थानांतरण आदेश को पूरी तरह खारिज नहीं किया, लेकिन कुछ अहम निर्देश दिए हैं।

पौंग बांध विस्थापितों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है। वर्षों से अपने अधिकारों और पुनर्वास की मांग कर रहे विस्थापितों को अब राहत मिली है। देहरा में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3000 विस्थापित परिवारों को भू-आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे और 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। इस कदम को विस्थापितों ने “न्याय की ओर पहला ठोस कदम” बताया है। इसके साथ ही नंदपुर में 145 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल और बंखंडी चिड़ियाघर जैसी परियोजनाओं की भी घोषणा की गई।