बीजिंग, 11 मार्च — चीन ने बुधवार को कहा कि वह खाड़ी (गल्प) देशों पर किए जा रहे हमलों से सहमत नहीं है और नागरिकों तथा गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने वाली सभी प्रकार की अंधाधुंध कार्रवाइयों की निंदा करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि चीन किसी भी ऐसी कार्रवाई का समर्थन नहीं करता जो आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाले या महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
प्रवक्ता ने यह भी दोहराया कि चीन हमेशा से संघर्षों को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल करने की वकालत करता रहा है। उनके अनुसार नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व में हाल के दिनों में हालात तेजी से बिगड़े हैं। फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में व्यापक सैन्य तनाव पैदा हो गया। इसके जवाब में ईरान से जुड़े कई हमलों की रिपोर्ट खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न देशों में सामने आई है।
इन घटनाओं के बाद ऊर्जा प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके क्षेत्रों पर हमले जारी रहे तो जवाबी कार्रवाई भी हो सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब ने भी ईरान को संकेत दिया है कि उसके क्षेत्र या ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहने की स्थिति में वह कड़ा जवाब दे सकता है, हालांकि उसने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ते खुले रखने की बात भी कही है।
कूटनीतिक समाधान पर जोर
चीन ने हाल के दिनों में बार-बार सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी पहले कहा था कि खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए और संघर्ष का समाधान बातचीत के जरिए खोजा जाना चाहिए।
बीजिंग ने यह भी संकेत दिया है कि वह क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने को तैयार है। इसी दिशा में चीन ने मध्य पूर्व में वार्ता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष दूत भेजने की योजना भी जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के लिए खाड़ी क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसकी ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
वैश्विक स्तर पर चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। यह क्षेत्र दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है और यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार मार्गों पर पड़ सकता है।
इसी कारण कई देश तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की कोशिश कर रहे हैं।
Discover more from Enoxx News (Hindi)
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
