चौधरी फ़ाउंडेशन ने हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्य विधानसभा के सभी 68 विधायकों से अपील की है कि वे ओबीसी समुदाय की माँगों का समर्थन करें और संविधान के 93वें संशोधन के अनुसार 27% आरक्षण सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाएँ।
फ़ाउंडेशन ने अपने बयान में कहा कि 20 जनवरी 2006 से लागू हुए 93वें संशोधन के 19 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में अब तक ओबीसी वर्ग को राष्ट्रीय मानक के अनुरूप पूरा 27% आरक्षण नहीं दिया गया है। संगठन ने यह भी कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों ने इस व्यवस्था को लागू कर दिया है, मगर हिमाचल प्रदेश अब भी इस मामले में पीछे है।
संगठन ने सत्ता और विपक्ष दोनों से जुड़े जनप्रतिनिधियों को याद दिलाया कि यह केवल आरक्षण का सवाल नहीं है, बल्कि संवैधानिक न्याय और सामाजिक समानता की लड़ाई है। फ़ाउंडेशन ने विधायकों से एकजुट होकर ओबीसी समुदाय की आवाज़ को बुलंद करने और उनके संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की।
चौधरी फ़ाउंडेशन का कहना है कि उनका उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अधिकार दिलाना है ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को बराबरी का अवसर मिले।
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