थिम्फू, 10 मार्च — भूटान ने अपने राष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी भंडार से लगभग 11.8 मिलियन डॉलर मूल्य के 175 बिटकॉइन ट्रांसफर किए हैं। यह जानकारी ब्लॉकचेन विश्लेषण प्लेटफॉर्म Arkham Intelligence द्वारा ट्रैक किए गए ऑन-चेन डेटा से सामने आई है।
ब्लॉकचेन रिकॉर्ड के अनुसार यह ट्रांजैक्शन इस सप्ताह सरकार से जुड़े डिजिटल वॉलेट से किया गया। हालांकि भूटान सरकार ने अभी तक इस ट्रांसफर के उद्देश्य पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह हालिया ट्रांसफर उन कई लेनदेन में से एक है जिन्हें पिछले कुछ महीनों में भूटान के क्रिप्टो रिजर्व से होते हुए देखा गया है।
2026 में कई बार हुआ बिटकॉइन ट्रांसफर
ब्लॉकचेन डेटा का विश्लेषण करने वाले प्लेटफॉर्म के अनुसार, 2026 की शुरुआत से भूटान से जुड़े वॉलेट्स से 40 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के बिटकॉइन ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे ट्रांसफर कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि फंड को अलग-अलग वॉलेट्स में स्थानांतरित करना, एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर भेजना या सरकारी डिजिटल संपत्ति पोर्टफोलियो का प्रबंधन करना।
पिछले महीने भी भूटान से लगभग 6–7 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन के ट्रांसफर की जानकारी सामने आई थी।
दुनिया के बड़े सरकारी बिटकॉइन धारकों में शामिल
इन हालिया ट्रांसफर के बावजूद भूटान अभी भी दुनिया के प्रमुख सरकारी बिटकॉइन धारकों में शामिल है। अनुमान के अनुसार देश के पास हजारों बिटकॉइन का भंडार है जिसकी कुल कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर तक पहुंचती है।
भूटान की यह क्रिप्टो रणनीति मुख्य रूप से उसकी संप्रभु निवेश संस्था ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स (DHI) के माध्यम से संचालित होती है।
जलविद्युत से संचालित बिटकॉइन माइनिंग
भूटान ने वर्ष 2019 के आसपास बिटकॉइन माइनिंग शुरू की थी। देश में उपलब्ध प्रचुर जलविद्युत ऊर्जा का उपयोग करके बड़े पैमाने पर क्रिप्टो माइनिंग की जाती है।
इस मॉडल के जरिए भूटान अतिरिक्त बिजली को डिजिटल संपत्ति में बदलने का प्रयास कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके।
सरकार ने डिजिटल संपत्तियों और ब्लॉकचेन तकनीक को भविष्य की आर्थिक रणनीति का हिस्सा बनाने की दिशा में भी कई पहल शुरू की हैं।
निवेशकों की नजर सरकारी ट्रांसफर पर
सरकारों द्वारा किए जाने वाले बड़े क्रिप्टो ट्रांसफर अक्सर बाजार के विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित करते हैं क्योंकि इनका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार ऐसे ट्रांसफर केवल राष्ट्रीय रिजर्व के प्रबंधन या पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन का हिस्सा होते हैं।
फिलहाल भूटान सरकार ने इस लेनदेन के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है, इसलिए विश्लेषक मुख्य रूप से ब्लॉकचेन डेटा के आधार पर ही इन गतिविधियों का आकलन कर रहे हैं।
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